जम्मू-कश्मीर सरकार ने नगर निगमों, नगर परिषदों तथा नगर पालिकाओं में आवासीय तथा व्यावसायिक भवनों के लिए संपत्ति कर की दरें निर्धारित कर दी हैं। सरकार ने एक अप्रैल से इसे प्रभावी बनाया है। संग्रहित कर को संबंधित नगर निकाय के बैंक खाते में जमा किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल संबंधित शहर में आधारभूत संरचनाओं व सेवाओं में सुधार के लिए किया जाएगा।
एक हजार वर्ग फुट में बने रिहायशी मकान व फ्लैट के लिए कोई कर लागू नहीं किया गया है। इसके लिए चंडीगढ़ में 600-1000, दिल्ली में 300-7000 तथा लुधियाना में 150-3500 रुपये टैक्स है। 1500 वर्ग फुट के फ्लैट व अपार्टमेंट के लिए जम्मू व श्रीनगर नगर निगम में 100-1150, नगर परिषदों में 75-600 तथा नगरपालिका में 50-300 रुपये के बीच होगी। यह राशि चंडीगढ़ में 900-1500, दिल्ली में 500-10000 तथा लुधियाना में 300-10000 रुपये है। दो हजार वर्ग फुट में निर्मित रिहायशी स्वतंत्र मकानों के लिए दोनों नगर निगमों में 225-2500, नगर परिषद में 150-1200 तथा नगर पालिका में 100-400 रुपये कर निर्धारित किया गया है।
यह राशि चंडीगढ़ में 1200-2000, दिल्ली में 650-14000 तथा लुधियाना में 400-13000 रुपये है। साढ़े चार हजार वर्ग फुट में बनी रिहायशी स्वतंत्र कोठी के लिए जम्मू व श्रीनगर नगर निगम में 600-7500, नगर परिषद में 200-3000. नगर पालिका में 100-1000 रुपये है। इसके लिए चंडीगढ़ में 3000-5100, दिल्ली में 1400-31000 तथा लुधियाना में 800-25000 रुपये है।
100, 200 व एक हजार वर्ग फुट की दुकानों का कर निर्धारित
व्यावसायिक संपत्तियों में 100 वर्ग फुट की छोटी दुकान के लिए जम्मू व श्रीनगर नगर निगम में 50-600, नगर परिषद में 30-600 तथा नगर पालिका में 20-100 रुपये निर्धारित है। इसी के लिए चंडीगढ़ में 200-650, दिल्ली में 275-3500 व लुधियाना में 275-3500 रुपये है। 200 वर्ग फुट तक की छोटी दुकानों के लिए दोनों नगर निगमों में 150-1800, नगर परिषद में 100-600 व नगर पालिका में 75-300 रुपये है।
चंडीगढ़ में 400-1300 रुपये, दिल्ली में 550-7000 तथा लुधियाना में 550-7000 रुपये है। 1000 वर्ग फुट की दुकान के लिए जम्मू व श्रीनगर नगर निगम में 1200-14000, नगर परिषद में 300-3000 तथा नगर पालिका में 120-900 रुपये सालाना कर निर्धारित किया गया है। इसी के लिए चंडीगढ़ में 1900-6500, दिल्ली के लिए 2800-37000 तथा लुधियाना के लिए 1100-35000 रुपये सालाना है।